जीवन को सहारा मिल गया
आज लगा कि जीवन को सहारा मिल गया ,
तुमने जो बीच रहा में ये आंचल संभाला ,
तो लगा जीवन का आधार मिल गया ।
जिन नन्हीं उंगलियों को पकड़ चलाते थे हम कभी ,
आज उन्हीं उंगलियों ने हाथ पकड़ मेरा ,
अंधेरी गलियों में राह दिखाई है सही ।
तो लगा जीवन को सहारा मिल गया ,
एक रिश्ते को नया आधार मिल गया ।
जिन नन्हीं नजरों को , गलत नजरों से बचाते थे हम कहीं,
आज उन्हीं नन्हीं नज़रों ने हमें ,
गलत नजरों से बचाया है उन गलियों में कहीं ।
आंचल मेरा कंधे पर लगा ,
बुरी नजरों से रक्षा करता रहा वो मेरी ।
आज मंद मंद मुस्कुरा के ,
हम निशब्द होकर देखते हैं तुम्हें ।
सोचते हैं क्या तुम ही हो वही ,
जो अंधेरी रातों में छुपता थे मेरे पीछे कभी ।
आज मुझे पीछे कर ,
रक्षा कर रहा है मां की , उन बुरी नज़रों से कहीं ।
इस जीवन को सहारा मिल गया ,
एक नदियां को ,
आज सागर का सहारा मिल गया ।
#Expression :satisfaction