वंदे मातरम दोस्तों 🇮🇳🙏🏼आज़ादी के सभी के लिए मायने अलग अलग होते है। कोई रिश्तों के बंधन से मुक्ति को आज़ादी मानता है, तो कोई सामज की दकियानूसी सोच को छोड़कर अपनी ज़िंदगी खुद जीने को आज़ादी मानता है। हमारे समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी ऐसा है, जहाँ महिलाओं को अपने फैसले खुद करने की आज़ादी आज भी नही है। ऐसे में उनके लिए अपना जीवन अपने मन मुताबिक जीना ही आज़ादी है। लेकिन मेरे लिए मेरा देश सर्वोपरि है, क्योंकि देश आज़ाद है तो सब आज़ाद है। गुलाम देश में तो किसी को अपने निजी फैसले लेने तक कि आज़ादी नही होती फिर चाहे वो कितना ही बड़ा सूरमा क्यों न हो। जय हिंद🇮🇳 भारत माता की जय🇮🇳
#Freedom