My New Poem......!!!
*हमें गलत ओर सही की*
*परख के लिए रब ने भेजा है..!!*
*"गलत लोगों की जीत*
*उसी समय तय हो जाती है,*
*जब सही लोग*
*ख़ामोश हो जाते हैं.*...!!!"
*ओरों की नज़र से*
*गिरने से पहले ख़ुद
*अपनी ही नज़र 🧿 से*
*इन्सान गिर जाता हैं...!!*
*पर गिर के भी सँभल जाएँ*
*वही इन्सान मर्तबा पाता है..!!*
*अच्छों की इम्तिहान कठीन*
*तो ज़रूर होती ही हैं..!!*
*पर अच्छाई की उम्र की
*भी तो कोई सीमा नहीं होती..!!*
*प्रभु स्वयं जिसे चाहे वही*
कसौटी के करीब़ आ पाता है..!!*
*वनाँ जूठों को तो कहाँ
* कभी कोई आज़माता है...!!*
*उन्हें तो जूठे होने पर ही
*गर्व महसूस होता रहता है..!!*
✍️🥀🌲🌹🖊🖊🌹🌲🥀✍️