*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*जिन्हें अपने अंदर कोई*
*"गलती" नजर नहीं आती..*
*उन्हें दूसरों के अंदर "गलतियों" के*
*अलावा कुछ नजर नहीं आता*
*अपने कर्मो को देखते रहना चाहिए*
*अपने कर्मो को सुधारते रहना चाहिए*
*बल्कि हम उल्टा करते हैं*
*दुसरो के कर्मो पर विचार करते हैं*
*और उन्हें सुधारने की सलाह देते रहते हैं*
*प्रातःकाल का समय ईश्वर चिन्तन के लिये*
*दिन का समय व्यवसाय घर के लिये*
*और सायंकाल का समय*
*आत्म-निरीक्षण के लिए*
*नियत करना चाहिए*
*अगर आत्म-निरीक्षण में*
*सुधार लाते रहेंगे तो अगला पूरा दिन*
*हमेशा लाजवाब ही रहेगा*
🌹 *सुप्रभात* 🌹