आधा है चाँद और ईद की है रात
रुक जाओ दो पल करनी है तुम से कुछ बात
होगी ना फिर कभी तुमसे शायद ऐसी मुलाकात
Q की आधा है चाँद और ईद की है रात
अंधेरो का मेरे उजाला हो तुम
जलते दिये का प्याला हो तुम
मेरे रोझे का पहला निवाला हो तुम
मेरे हर सवाल का जवाब हो तुम
खुदा से मांगी मुराद हो तुम
किस्मत से मिली अमानत हो तुम
खामोशी यो का मेरे शोर हो तुम
रास्तो की मेरे मंजिल हो तुम
बाते तो होगी खत्म ना ये कभी
एस लिए के रहा हूँ ये अभी
के आधा है चाँद और ईद की है रात
रुक जाओ दो पल करनी है तुम से कुछ बात
होगी ना फिर कभी तुमसे शायद ऐसी मुलाकात
Q की आधा है चाँद और ईद की है रात