लोग सोचते होंगे में बड़ा किस्मत वाला हु, जो मिली तू मुझे
वो क्या जाने कितने साल इंतजार में लगे है, तुजे पाने में मुझे,
कभी दूर जाना पड़ा, कभी करीब भी आने लगे, फिर कुछ हुआ ऐसा, आंसू भी बहाने पड़े,
जुदाई भी सही, तन्हाई भी सही, टूटकर बिखर जाना भी पड़ा मुझे,
रात रातभर इंतजार तेरा, तेरे बगेर भी में रहा बस तेरा, किसीको क्या समजाउ ? तेरे सिवा कोई जान न सके मुझे,
अब खत्म हुई ये तन्हाई, तेरे हाथोंमें था जबसे हाथ मेरे, भूल बैठा दुनिया सारी, ना चाहिए कुछ और
बस जब से मिला तेरा साथ मुझे ।
#केप्टन @श्याम