कविता ..
विषय .मन की व्यथा ..
मन की व्यथा ,किससे कहें ।
मन की बातें ,किससे कहें ।।
कोई अपना ,हो तो कहें ।
कोई दिलबर ,हो तो कहें ।।
लोग नमक मीर्च ,लगाने में माहिर ।
तमाशे करने में ,माहिर ।।
दिल के आंसू ,किसे बताऐ ।
अपना हो तो ,आंसू छलकाऐ ।।
मनमीत हो तो ,फरियाद करें ।
दोस्त हो तो ,गिले शिकवे कहें ।।
मन की उत्कंठा ,किसको बताऐ ।
मधुर गीत ,किसे सुनाऐ ।।
अपना हो तो ,मन हलका करे ।
उसके साथ ,दुःख दर्द कहें ।।
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