गुम हो जाते है कभी हम अपने आप से जब अपने ही कभी बोले की मेरे समय पर तुमने ऐसे नहीं किया था....अब इसके समय पर तुमने ऐसे किया!!!
तब मन गुम हो जाता है कि ये तो समय समय की परख होती है ... बाकी इरादा तो तब भी बुरा नहीं था और आज भी नहीं है...आंखे तो दोनों एक जैसी है कोन सी छोड़ पाएंगे हम....जरा सोचो तो सही!!!!