हाथ थामने से पहले एक वादा कर पावोगे क्या
मैं चल नहीं पाऊँगी,
तुम्हारी महानगर की चौड़ी सड़को पर
तुम हाथ पकड़ कर मेरा
गाँव की पग डंडी पर
बोलो चल पावोगे क्या
तुम शहर के हैंडसम बंदे हो
मैं गाँव की साँवली सी लड़की
सब सौ ताने देंगे तुमको
बोलो सब सह पावोगे क्या
तुम ए सी में पलने वाले
मैं गाँव के सूरज में तपती
धूप में थोड़ा सा तुम भी
बोलो जल पावोगे क्या
तुम संगमरमर के मका में रहने वाले
मेरे घर में हैं कच्ची मिट्टी
तुम दिल की इस कच्ची मकानों में
बोलो तुम रह पावोगे क्या
तुम ब्लैक, कोल्ड कॉफी के दीवाने हो
मैं कुल्हड़ वाली चाय की मस्तानी हूँ
सोंधी सोंधी चाय की दो चुस्की
बोलो तुम भी ले पावोगे क्या
तुम डिस्को डांस दीवाने हो
मैं भक्त आरती माला की
दो पंक्ति भजन की संग मेरे
बोलो तुम भी भज पावोगे क्या
तुम अंग्रेजी गाने के पैमाने हो
मैं शायरी थोड़ी पागल सी
साथ मेरे क्षण भर को पागल
बोलो तुम भी बन पावोगे क्या
तन्हा तुम्ही को करना नहीं
कोशिश मेरी भी होगी
पर जरा तुम सोच लेना
तुम ऐ सब कर पावोगे क्या.... !!
Lamho_ki_guzarishey
Trisha R S...... ✍️