कभी लगता है तुम मैरी जिंदगी की सब से बड़ी भूल हो
जो कभी सुधर ना सकी
मेरे दिल की वो कलि हो
जो कभी खिल ना सकी
इंतजार तो हर ग़म और ख़ुशी मे रहा तेरा
पर ना जाने क्यू कभी मिल ना सकी
हर भीड़ मे आँखों से इश्क़ बया हुआ तेरा
पर क्यू तू इकरार कर ना सकी
जिया तो बड़ी शान से दुनिया की नज़र मे
पर तिल तिल जो मरा हू मै
क्यू तू वो देख ना सकी
एक तमन्ना