मौसम अब सुहाने लगने लगे हैं,
जब से आप हमारे बनने लगे हैं
गम हो या खुशी हर हाल में अब,
हर पल हम यूंही मुस्कुराने लगे हैं
कोई साथ हो ना चाहिए अब हमारे,
वीराने भी हमें प्यारे लगने लगे हैं
चाहे किसी को भी देखे अब हम,
हर जगह तुम ही नजर आने लगें ,
मुझसे न पूछो मेरे दिल की हालत,
मिलने के अब बहाने बनाने लगे हैं
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित