*चलो गमो में भी मुस्कुराते है*
*जिंदगी को थोड़ा चिढाते है*
*ताक़त और पैसा ज़िन्दगी के फल हैं*
*जबकि परिवार और मित्र*
*जिन्दगी की जड़ हैं*
*हम फल के बिना अपने आप को*
*चला सकते हैं लेकिन जड़ के बिना*
*खड़े भी नहीं हो सकते है*
*सभी को सुख*
*देने की क्षमता,*
*भले ही हमारे हाथ में न हो*
*किन्तु किसी को*
*दुख न पहुँचे*
*यह तो हमारे ही हाथों में है*
*हमेशा भला करते रहें*
*पता नहीं ये पुण्य*
*ज़िंदगी में कब हमारा साथ दे जाए*
Jay shree krishna???