आज सब कुछ धुला- सा लग रहा है,
पर ये बारिश का असर तो नहीं लगता !
शायद मन के किसी कोने में बैठी,
जो धुंधली सी यादे थी वो बह गयी !
अब
दूर- तक साफ़ दिखाई देता है,
जो अपना था वही पराया दिखाई देता है !
अब तो हमने भी एक नयी शुरुआत कर ली,
अब न तो इश्क़ होगा ना ही खामोश मोहब्बत !!