बेटी ने कहा:
बेटी ने कहा
फ्राक लाना
गुलाबी रंग का,
गुलाबी न मिले तो
लाल रंग का,
लाल न मिले तो
नीले रंग का,
ये न मिलें तो
किसी भी रंग का
बड़े-बड़े घेर वाला,
जरूर लाना
भूलना मत।
उसी फ्राक के साथ
स्वयं को टटोलता,
बेटी तक पहुँचता
मैं दुकान में घुसा,
दुकानदार ने फ्राक निकाला
मुझे समझाया,
उसकी गुणवत्ता का इतिहास रचाया।
मैंने सोचा
फ्राक आयेगा,
उमंग उछलेगी
नन्ही बाँहों में
प्यार का घेरा बनेगा,
और बेटी का कहा वचन
पूरा हो जायेगा।
**महेश रौतेला