अभी जागना शेष है
कहो तो पुलिस बुला दें,
लाठी चलवा दें,
पत्थर फेंकवा दें,
जुलूस निकलवा दें
नारे लगवा दें,
अपनी पीठ थपथपाने के लिए
सब जगह अंग्रेजी लिखवा दें।
अभी जागना शेष है
नदियों से कहें
तुम्हें सूखा दें,
जंगलों से कहें
तुम्हें कटवा दें,
जैसा चाहो वैसा फैसला सुना दें।
भक्ति भाव से वोट डलवा दें
जिधर चाहो उधर सरकार बना दें,
अभी जागना शेष है
जो चाहो वह करवा दें।
* महेश रौतेला