कहीं कोहरे में लिपटी हुई , तस्वीर ए यार,
कहीं छुपा दिल में, रुहाना अहेसास यार
चले राहे वफ़ा सुकुन दिल, अंजाम महोबत
कहीं टुटकर ,रुह से जुड़े, जज़्बात ए यार
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तसल्ली फकत मिले,
नूरानी नजर से,
मुकम्मल महोबत ही,
चले उनकी डगर से
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