मे और मेरे अह्सास
तुम से आज भी
जुड़े हुए हैं l
घंटों तुम्हारा इतजार करते रहेना,
फोन पे बाते करना,
एक ही थाली में खाना,
तुम्हारा चुपचाप रहना,
मेरी बाते ना खत्म होना,
इन्हीं यादो के सहारे
गुजरते हैं दिन,
और इन्ही अह्सास ने
जिंदा रखा है आज तक ll
दर्शिता