चलिये कुछ पुराने दोस्तों
के दरवाजे खटखटाते है,
देखतें हैं उनके पंख थक चुके
या अभी भी फड़फड़ाते है,
हँसते हैं खिल खिला कर
या होंठ बंद कर मुस्कुराते हैं,
बताते है सारी आप बीती
या सिर्फ सफलताएं सुनाते हैं,
हमारा चेहरा देख वो
अपनेपन से मुस्कराते है,
या घडी की और देखकर
हमें जाने का वक्त बताते हैं,
चलिए कुछ दोस्तों के
दरवाजे खटखटाते है!