सुप्रभात, दोस्तों....
जिंदगी में मुकाम बहुत आते हैं. लेकिन ये ज़रूरी नहीं वो मुकाम जिंदगी बन जाये ऐसे ही कई लोगों की ज़िन्दगीयों को देखते हुए मैंने कई कहानिया लिखी और लोगों ने सराहा.... हालांकि फिलिंग दिल में शरू से रही जिसके चलते में जिंदगी के इस रंग मंच के किरदारों को समझ सका... लेकिन कही ना कही ऐसे किरदार भी देखने को मिले जो शादी शुदा हों के भी आज भी इश्क़ को बदनाम कर रहें हैं या यू कहूँ लोगों के दिलों से खेल रहें हैं जो इस मंच पर भी ऐसे लोग मौजूद हैं... जो इस तरह की मानसिक बीमारी से ग्रसित हों कर समाज में गंदगी फैला रहें हैं.... जो सही में धोखा खया हुआ हैं वो यहां शायद इस लिए मौजूद हैं कि कोई उसका दर्द समझ सके लेकिन यदि फिर उसके साथ धोखा हुआ तो जिम्मदार कौन.... क्योंकि अपराधी तो किसी के सामने हैं ही नहीं... (किसी को यदि मेरी बात का बुरा लगे तो माफ करियेगा )
बहुत से धर्म हैं जिसमे महिलाओ को ऐसे सोशल साईट पर इज़ाज़त नहीं हैं लेकिन फिर भी वो अपनी पहचान बदल कर मौजूद हैं क्या वो सही कर रहें हैं...? जोभी मेरी इस पोस्ट को पढ़ेगा मुझें गाली जरूर देगा... लेकिन हा मुझें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि मै जिस देश का नागरिक हू जिस समाज में रहता हूं उसके प्रति मेरी तो ज़िम्मेदारी बनती ही हैं.... और आपकी.... खैर.... यदि आप सोशल साईट पर अपने दिल को खिलौना बना रहें हों तो साबधान क्योंकि उससे ज्यादा आपकी इस भारत देश को जरुरत हैं आपके परिवार को आपकी जरुरत हैं...
जय हिन्द... ???