जब मैं पैदा हुआ
तब इतनी आँधियां नहीं थीं,
जब तुम पैदा हुए
तब भी इतनी आँधियां नहीं थीं,
जब मैंने प्यार किया
तब इतने तूफान नहीं थे,
जब तुमने प्यार किया
तब भी इतने तूफान नहीं थे,
बाद के बर्षों में
आँधियां और तूफान घटते-बढ़ते रहे,
पर जिन्दगी के सपने कभी कम नहीं हुए।
* महेश रौतेला