एक वख्त था जब उनसे बात करते नही थकते थे
आज वख्त है उनसे बात करने के लिए उनके जन्मदिन का इंतेजार करते है
आज उनके जन्मदिन पर कई दिनों का 12 बजने का इंतेजार खत्म हुआ
उनसे बात करने के लिए फ़ोन हाथ मे लिया
और कई उम्मीदों के साथ उन्हें जन्मदिन की बधाईया दी
सोचा था आज तो उनसे जरूर बात होगी
जवाब आया याद रखने के लिए शुक्रिया।
खैर छोड़ो। क्या हुआ अगर बात नही हुई
सपने में जी भर के मिल लेंगे।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था
न नींद आई, न वो।