कब तक रहोगे आखिर ये दूर हमसे मिलना पड़ेगा आखिर एक दिन जरूर हमसे दामन बचाने वाले यह बेरुखी कैसी है कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे बहते आंसू की जुबान नहीं होती लफ्जों में मोहब्बत बयां नहीं होती मिले जो प्यार तो कदर करना किस्मत हर किसी पर मेहरबान नहीं होती ?????