गुड़िया_रानी_का_ख्याल_रखना
दहेज के लोभी
बेटे के पिता तुम भूल न जाना
मेरे वादे को
जीवन भर संजोए धन को
कर दिया समर्पण
पैसों के लिए मत जलाना
मत प्रताड़ित करना
गुड़िया रानी का ख्याल रखना
जानता हूँ
दहेज के लोभी बेटे के पिता
तेरी भूख बड़ी है
देख बिटियां की शादी के लिए
दे दिया सब कुछ
अब कुछ बचा कहाँ है
अब तो झोपड़ी भी
सही से खड़ी नहीं है
गुड़िया रानी का ख्याल रखना
ताउम्र होने न दिया
एहसास दुःख का
मेरी गुड़िया को
सुन लें दहेज के लोभी बेटे के पिता
कभी भी मत डाँटना
मत मारना
न जीते जी जलाना
तुम मेरी कोमल रानी को
न रूलाना तुम
गुड़िया रानी का ख्याल रखना
दहेज प्रथा पर जो देते हैं भाषण
समारोहों में
वो भी कुविचारी
सबकुछ छीन लेते हैं
दहेज स्वरूप बेटी के पिता से
दहेज के लोभी
कब तक छीनते रहोगे पिता से
सब कुछ
मत करो ये घिनौनी हरकत
लाडो को मत सताना
गुड़िया रानी का ख्याल रखना
©कुमार संदीप
मौलिक, स्वरचित
बिहार(मुजफ्फरपुर)
ग्राम-सिमरा
इमेल आइडी- worldsandeepmishra002@gmail.com