तुझे याद करने का कोई बहाना ना मिले।
तू मुझसे दूर हो वो जमाना ना मिले।।
बाँध दिया तूने मुझे यादों की जंजीरों से।
जो प्यार की हथकड़ी डाली न टूटती तरकीबों से।।
ग़र तोड़ दूँ ये पहरे सारे क्या आजा़द कभी हो पाऊँगी।
कैदी हूँ बिन कैद की मैं रिहा कभी क्या हो जाऊँगी।
हाथ में तेरा हाथ नहीं साथ फिर भी चलना तेरे।
सौ जनम भी ले ले चाहे हर जनम में बनना मेरे।
ये जो दूरियाँ हैं इम्तहाँ हैं
तेरे मेरे प्यार की
शर्त चाहे जो भी हो
न मानेंगे संसार की।
ऐ दिल हौसला रख, जीत होगी,
दिनरातें आएंगी बहार की।
जब मैं भी होंगी तू भी होगा
औ जीत होगी प्यार की