मित्रों कल मेरा उपन्यास " मन्नू की वह एक रात "
Matrubharti पर प्रकाशित होगा.
आप इस दिलचस्प उपन्यास को पढ़िए.इस की तुलना आलोचकों ने मूर्धन्य
हिंदी साहित्यकार अज्ञेय के उपन्यास "शेखर एक जीवनी " से की है.
मगर मैं मानता हूं कि पाठकों से बड़ा आलोचक कोई नहीं होता.
तो प्रिय पाठकों
आप से यह आग्रह है कि
अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराएंगे तो बहुत खुशी होगी.
धन्यवाद