अभी 5:45 शाम के बज रहे थे। भुख के मारे पैर जवाब दे रहे थै। ओर सुरज मानो अपनी टोर्च डीम कर रहा था, लगता है उसका चार्ज खतम हो चला था।
बही थोडी दूर एक स्टीट लाईट के खंबे के नीचे मुझे एक ठेला नजर आया। वैसे मै कोई ऐसी-वैसी जगह खाना खाता नही मगर आज बात कुछ और थी।
#बारीश
Raju bhai
my book released today please go through it.
-रेरा