हे मेरी जमी अफसोच नही जो तेरे लिये सो दर्द सही महेफुझ रहे तेरी यान सदा साहे जान मेरी ये रहे ना रहे ओ मेरी जमी महेबुबमेरी मेरी नस-नस मे तेरा ईश्क बहे फिका न पडे तेरा रंग कभी जिस मुसे निकल के खुन कहे..
तेरी मिटी मे मिलझावा गुल बन के मे खिलजावा
इतनी सी है दिल की आरजु .✍देश भक्त?
?Jay Hind?
?भारतीय सैन्य को ❤दिल से सलाम?