हमारी कविता "मैं जानती हूँ" की कुछ पंक्तियां
(आशा है कि आप सब को पसंद आये)
करके बदनाम मुझे तुम भी क्या पा लोगे,
मेरी बर्बादी में तुम सबकुछ अपना गवां लोगे..
मेरे किस्सों को लिख लिख कर किताबों में,
तुम दबी चिंगारी को हवा दोगे,
मैं जानती हूँ।।
#रूपकीबातें