आईना-3
अब अंतिम कहानी पढ़िए..
इस बार आप एक बेटे के पिता हैं.. आपका बेटा, आपकी जान है.. बहुत नाजों से आप उसको पाल रहे हैं.. उसे हर संभव एक अच्छी परवरिश दे रहे हैं.. वो अपनी छोटी उंगलियों से आपको पकड़ने की कोशिश करता है..
आप भी कभी उसे प्यार से चूम लेते हैं तो कभी बाहों में ले लेते हैं.. वो दिन भर कूदता-भागता रहता है.. और आप उसके पीछे-पीछे..
जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है.. वो भी बड़ा होता जा रहा है..
और देखते-देखते वो एक नवयुवक बन गया है..
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अब ज़रा सोचिए आपको किसी दिन पता चले कि आपके बेटे ने किसी लड़की की अस्मत को कुचल दिया..
या उसकी खूबसूरती, उसके अरमान, उसका आत्मविश्वास सब रौंद दिया.. वो एक बहसी-दरिंदा बन चुका है..
क्या हुआ चुभा.. बेशक चुभे, क्योंकि चुभना चाहिए....
शायद इसे पढ़ने के बाद आपको थोड़ा तो पता चल ही गया होगा कि लड़कियों पर उनके चरित्र पर एक महापुरुष बनकर सवाल उठाना कितना आसान है.. कितना मुश्किल है किसी लड़के को ग़लत ठहराना..
कुछ वक्त पहले एक वीडियो देखी थी, किसी ट्रैन में बैठे एक अधेड़ उम्र के महाशय सामने बैठी लड़की की तरफ बड़े ही भद्दे तरीके से गंदे इशारे कर रहे थे। उनमें शर्म लेशमात्र भी नहीं थी। लड़की ने उनकी वीडियो बना कर सोशल साइट पर शेयर कर दिया था।
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'आपकी बेटी' ये लिखकर इस कहानी को इसलिए लिखा है क्योंकि वो सभी लोग जो बाहर जाकर इस तरह की नीच हरकतें करते हैं, वो कृप्या अपनी बेटी या बहन का ख्याल अपने दिमाग में रखें। याद रखें कि किसी ऐसी ही लड़की आपकी कलाई पर राखी बाँधती है, जिससे आप बहुत प्यार करते हैं..
ऐसी ही एक प्यारी बेटी आपकी भी है, जिसके लिए आप जी रहे हैं।
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वो आग जो आपके सीने में किसी घटना के घटित होने के बाद तीन-चार दिन तक जलती है उसे तब तक जला कर रखिये जब तक किसी भी मासूम के साथ होने वाली ये घटनाएं पूरी तरह से बंद ना हो जाएं।
#रूपकीबातें