हमारी सभ्यता हमारी संस्कृति
जो धन हिन्दुस्तान में है वो कहीं नहीं ।जो सभ्यता और संस्कृति हिन्दुस्तान में थी और अब भी
बची है वो दुनिया में कही भी नहीं हो सकती है ।
गांधी बापू ने देश को आजादी दिलाई और खुद
शहीद हो गऐ। आज वही बापू का देश फोरेन रकल्चर के गुलाम। उनके आधिन हो गए हैं ।
कहते है किसी के गुण लेने चाहिए अवगुण
नहीं चाहे वो दुश्मन ही कयु ना हो।मगर हमारे देश ने
बाहर के देशों से अवगुण ही अवगुण अपनाये है
जैसे की आल्कोहोल ।विदेश।में इसे पानी की तरहा
पीया जाता है।कयुकि वहाँ की जरूरत है ।ठंडा प्रदेश है।लेकिन हमारे यहाँ इसकी कोई जरूरत ना होने के
बावजूद इसे फेशन ट्रेन्ड माना जाता है ।हर पुरुष की
कमजोरी बन गई हैं ।उंची सोसायटी में औरतें भी इसे।
पीती है।नतीजे सामने है । लिवर फेल। हो जाना ।
उल्टी करना ।नशे में जोर जोर से चिल्लाना
मारना पिटना।नशे की वजह से घर बर्बाद हो जाते है
क्या ये अच्छे गुण है जो भारतने अपनाये
है।विदेशी के पास रोजगार नहीं था और अपनी दुकान चलाने के लिए वे लोग हमें उल्लु बनाते हैं ।
उनकी हर चीज में आल्कोहोल मिला होता है ।कोई भी कोलड्रीक लेलो थम्सअप वगैरह ।
ये सब कभी कभी पीओ तो अच्छा है लेकिन ज्यादा
लेलो तो जठर खराब हो सकता हैं ।आदत हो जाती है इनमें कीड़े भी होते हैं । बजाय इसके हमारे हिंदुस्तान में कितने ही सोफट ड्रिंक है जो स्वादिष्ट भी है और
फायदेमंद भी है ।जैसे की नारियल पानी ऐपल जयुस
चीकुशेक पाइनेपल सीताफल अनार जयुस मेंगो शेक
लस्सी रबड़ी खीर।
तो आप ही बताईऐ की थम्सअप वगैरह अच्छा या हिंदूसतानी चीजें ।जिसमें गुण है जो
पौष्टिक होते हैं ।या वो चीजें जो आलकोहोलीक है ।
नेहा अग्रवाल