चलो दोस्तों, फिर मुस्कुरा ले छेड़ कर किस्से, कुछ नये पुराने। चलो दोस्तों, रूठे हुओं को प्यार से फिर मना ले छेड़ कर,किस्से कुछ नये पुराने। चलो दोस्तों, बेफिक्रे बन गाएं फिर से, वही तराने छेड़ कर,किस्से कुछ नये पुराने। चलो दोस्तों, चेहरे को अपने फिर से आईना बना ले छेड़ कर किस्से,कुछ नये पुराने। चलो दोस्तों, बात बात पर फिर से खुलकर ठहाके लगा ले छेड़ कर किस्से,कुछ नये पुराने। चलो दोस्तों, सुख दुख अपने फिर से बतला ले छेड़ कर किस्से,कुछ नये पुराने। ?सरोज ?