पाक मोहब्बत
" होने वाली अहलिया के लिए ख़ास""" .
अहराम की हालत में और तुम
एहसास ए नदामत में और तुम
मक्का मदीना में और तुम
क़ाबा के तवाफ़ में और तुम
हाथो में हाथ में और तुम
उमराह ज़्यारत में और तुम
आक़ा का रोज़ा में और तुम
आँखों में आँसू में और तुम
क़ुरआं की तिलावत में और तुम
ढ़ेरो इबादत में और तुम
एक पाक मोहब्बत में और तुम
बेबाक मोहब्बत में और तुम
- जुनैद चौधरी