Megha # blog#
# तू इतना जरूरी कैसे हुआ#
ये बारिश कि बूंदे गिर रही हे बाहर।
मै भीगी जा रही हूं अन्दर ही अन्दर।
तू इतना जरूरी कैसे हुआ????
आज फिर लौट आया हे,वो पल।
जहां छोड़ आया था,तू मुझे कल।
तू इतना जरूरी कैसे हुआ ???
हे,वो मेरे पन्नो पे बेहिसाब।
लिखती जा रही कलम मेरे जज़्बात।
तू इतना जरूरी कैसे हुआ???
हे प्यारी सी दुनिया वो ख्वाबों कि मेरी
तू साज और मै आवाज़ तेरी।
तू इतना जरूरी कैसे हुआ???
काश मुझे कह दे वो फिर ।
आऊंगा लौट कर के मेरी हिर।
तू इतना जरूरी कैसे हुआ???
मेघा....✍