अच्छा लगता है मुझे तुम्हारा मेरे हाथ को पकड़ कर चलना। अक्सर ही मेरी मदद करने के लिए मेरे साथ-साथ ही रहना। जब भी कभी तुम्हें ढूंढती हूँ तो अपनी आवाज़ से ये जताना की तुम यहीं हो।
अच्छा लगता है मुझे इस सच पर यकीन करना कि मैं तुमसे कमजोर हूँ, मेरा वजूद तुम से है।
मेरी कमियों को तुम्हारा खूबियों में बदल देना और मेरी ग़लतियों को एक पर्दे में ढक देना..
हर एक दिन ये जताना की तुम मुझसे शुरू और मुझपे खत्म हो। अच्छा लगता है जब तुम्हारे सीने पर हाथ रख मैं तुम्हारी बढ़ी हुई धड़कनों को महसूस करती हूँ..
अच्छा लगता है जब केवल मुझे देख लेने से तुम्हें सुकून आता है। तुम्हारी मुस्कुराहट मेरे होठों पर तैर जाती है,
जब तुम्हारी नज़रें मुझे शरमाने को मजबूर कर देती हैं।
अच्छा लगता है जब तुम मेरी हिफ़ाजत के लिए मौजूद रहते हो।
अच्छा लगता है जब तुम मुझ पर हक़ जताते हो, और अक्सर ही कुछ नज़रों से बचाने की कोशिश में ये जाहिर कर देते हो कि मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ..
तो यकीन मानो बहुत अच्छा लगता है।
#रूपकीबातें