संगीत मेरे जीवन के लिए है एक अनोखा वरदान
सुर सांस , संगीत धड़कन; दोनों है मेरे जीवनमें, विधाता का वरदान ।
प्रणाम मेरी मां, और मेरे गुरुजीको, जिन्होंने दिया मुझे संगीत का ज्ञान।
गितोमें और कविताओं में बसी है मेरी आत्मा, मेरी जान ।
मेरे प्रणाम उन सारे कवियोंको और गायकोंको जो है महान ;
कोकिल कंठी लताजीने, बढ़ाई हमारी आन बान शान;
उन्हें भी मेरे कोटि कोटि प्रणाम; देती हूं मैं उन्हें बहुत मान सनमान ।
प्रभु मरते दम और अगले जनमभी देना मुझे यह अनमोल वरदान ।
Armin Dutia Motashaw