बाहें खोले नीला अम्बर जिसका संगीत सुनाता है
वह जीवन के स्पंदन में नित गीत खुशी के गाता है
वह सकल विश्व का कारण है
विस्तृत असीम साधारण है
वह अजर अमर अविनाशी है
पल छिन घट घट का वासी है
वह एक अकेली सत्ता है
चैतन्य ऊष्म गुणवत्ता है
वह मै तू की प्रतिछाया है
उत्कट विराट की माया है
मदमस्त बहार सघन वन है
वह सकल भुवन अवलंबन है
वह सूरज चाँद सितारा है
अम्बर पट क्षितिज किनारा है
बरखा की छटा निराली है
वह वसुधा की हरियाली है
जो कायनात के आँगन में बन प्रेम सिन्धु लहराता है
वह जीवन के------------
वह दिवस कर्म पूरित रव है
उन्मुक्त निशा का उत्सव है
वह माँ की निश्छल ममता है
जीवन यायावर रमता है
भगिनी सनेह की डोरी है
तनया आह्लादित लोरी है
पितु मात स्नेह रस अर्पण है
वह पत्नी प्रेम समर्पण है
वह प्यार सखा भ्राता का है
उपकार जगत त्राता का है
वह बाल छंद किलकारी है
जगती जीवन बलिहारी है
रिस्तों का पावन बंधन है
जग चिर नवीन अभिनन्दन है
भीगे शबाब की खुश्बू में बन कामदेव इठलाता है
वह जीवन के स्पंदन में नित गीत खुशी के गाता है
Kuber Mishra