अ से अमिया खट्टी होती ।
आ से मीठा होता आम।
इ से इमली भी है खट्टी।
ई से ईख दिलाता दाम ।
उ से उल्लू है भाई सुन ।
ऊ से ऊन का स्वेटर बुन।
ऋ से ऋषि सिखाते ज्ञान।
बच्चों का भी हो सम्मान।
ए से एड़ी धोते साफ।
ऐ से ऐनक दिखाता साफ ।
ओ से ओंकार का ज्ञान।
औ से औरत बड़ी महान।
अं से मीठे हैं अंगूर ।
विद्यालय तुम आओ जरूर।
अः का खाना खाली ।
बच्चों बजाओ ताली ।
क से कार चलाते हैं।
ख से खबर सुनाते हैं ।
ग से गमला लाते हैं ।
घ से घर को सजाते हैं ।
ङ का घर है खाली ।
च से चप्पल पहन के आओ।
छ से छह तक गिन के आओ ।
ज से जल की बोतल लाओ।
झ से झगड़ा आप बचाओ ।
ञ का घर है खाली ।
ट से टमाटर गोल मटोल ।
ठ से ठग्गू के लड्डू गोल।
ड से डमरु मदारी वाला ।
ढ से ढोलक बजे निराला ।
ण का घर है खाली ।
त से तरबूज खाते हैं ।
थ से थरमस लाते हैं ।
द से दरवाजे की ओर।
न से नल के जल का शोर ।
प से पानी बहता है ।
फ से फूल खिलते हैं ।
ब से बस में जाते हैं ।
भ से भौंरे गाते हैं ।
म से होता माली ।
य से यज्ञ होता है ।
र से रमेश पढ़ता है ।
ल से लम्बे -लम्बे बाल ।
व से वीर करे कमाल ।
श से शीला आती है ।
ष से षटकोण बनाती है ।
स से साल बीत गया ।
ह से हल जोत गया ।
क्ष से क्षत्रिय लड़ते हैं ।
त्र से त्रिशूल चलाते हैं ।
ज्ञ से ज्ञानी देते ज्ञान।
बच्चों का भी हो सम्मान ।