मेरे दिल की गहराई में दर्द इतने है चाहा जब मुस्कुराना खुशी ठहरी नहीं।
उसे सोचा उसे प्यार किया उसे है अपना मना चाहा जब उसे अपना बनाना खुशी ठहरी नहीं।
हुए गुलिस्तां के लिए हम बर्बाद चाहा जब गुल खिलाना खुशी ठहरी नहीं।
कुल कायनात में मेरा भी कोई अपना होता जब भी ये उम्मीद बनाई खुशी ठहरी नहीं।
मेरे तस्वर में तुम्हे हर रोज खुश देखा हमने चाहा जब खुश होना खुशी ठहरी नहीं।
मेरे दिल की गहराई में दर्द इतने है चाहा जब मुस्कुराना खुशी ठहरी नहीं।