" सपना और छुट्टी "
मैंने एक सपना देखा,
सपने में सूरज को देखा,
सूरज की किरणों को देखा,
प्रकाश और उजाला देखा,
चिड़ियों की चहचहाट सुनी,
लोगों को हरक़त में आते देखा,
सुनसान जिंदगी को गतिमान होते देखा,
मैं सोचते रह गया!,
सूरज के आने से इतना बदलाव देखा,
इतने में आवाज़ आई,
छुट्टी का मतलब नौ बजें ?,
मेरा ख्वाब तूट गया,
गतिशील जीवन समझ गया,
सूरज से भी शिख मिली,
आज इतवार की छुट्टी मिली,
घर गृहस्थी का काम करो,
आनंद से जीना सीखो, @ कौशिक दवे