मेरे भाईयो/बहेनो
जिंदगी के अच्छे अवसरों पर हम मित्रों के साथ होटलों में खाना खाते है या घर पर ही पार्टी करते है। कृपया आनंद का अतिरेक ना करे, खाना वेस्ट जाए या फेकनेसे रोको । अनाज उगाने वाले तकलीफ में है, भूखे है, कुछ लोग समाजमे भूखे सो जाते है । पैसों की शान में अपना कर्तव्य ना भूलें, आप भी अन्नदाता बने। अन्न व्यर्थ ना करे । यह भी राष्ट्र की संपत्ति है ।