खामोश है निगाहे,,,
इस खामोशी को पढ कर तो देखो....
नाराज है दिल,,,
इस दिल को मनाकर तो देखो....
खामोशी भी बोलने लगेगी,,,
एक बार नजरे झुका कर तो देखो....
धड़कनो पर भी नाम तुम्हारा होगा,,,
एक बार धड़कनो को छू कर तो देखो....
खुशियाँ भी गले लग जाएगी,,,
एक बार गमो को भूला कर तो देखो....
ये दिल सिर्फ तुम्हारा है,,,
एक बार इसे अपना कर तो देखो....
मंजिल भी हसकर बोलने लगेगी,,,
एक कदम बढा कर तो देखो....
जिंदगी बहुत हसीन हो जाएगी,,,
इस खूबसूरती को महसूस कर के तो देखो....
फूल भी महक उठेगे,,,
एक बार प्यार भरी निगाहो से तो देखो...
जुगनू ही जुगनू नजर आँएगे,,,
एक बार उजालो में आकर तो देखो....
खामोश है निगाहे,,,
इस खामोशी को पढ कर तो देखो....
नाराज है दिल,,,
इस दिल को मनाकर तो देखो....