जिंदगी ओ जिंदगी
कभी फुलोंकी सेज बन जाती है जिंदगी;
कभी कांटो का बिस्तर हो जाती है यही जिंदगी ।
कभी खुशी है; तो कभी दुख है जिंदगी ।
हसाती है यह कभी तो कभी रुलाती है जिंदगी ।
कुछ भी हो, बहुत ही अजीब है यह जिंदगी
अंत तक समझ नहीं सकते है हम, आखिर क्या चीज़ है यह जिंदगी
Armin Dutia Motashaw