तेरी यादो का मंजर एसा हैं
वो तेरा पगलो कि तरह हसना
मेरी हर नादानी पे चीठाना
अब जिंदगी जीने का सबब है
तेरी यादें ही तो है
जिसकी सहारे खड़ी हु
वर्ना जाक कर देख दिल मे
टुकडो मे तबदील है सपना मेरा
जो सर था कभी मेरे कंधे पे वह
किसी दुजे के दिल मे सुकुन ठुठ रहा है
जिसे कभी मेरी ज़ुल्फ़ो से था प्यार वह
किसी और की ज़ुल्फ़ो से खेल रहा है
ये तेरी यादे ही तो है जो वफ़ा नीभा गयी
वर्ना दिल तो फ़रेबी होता है जानेमन
_@heenakatariya