This is a poetry based on the WORLD.
इस दुनिया में दो तरह के लोग
अच्छे और बुरे
हमे नहीं बनना कोई भी
और रहना सबसे परे।
अगर हम अच्छे बनेंगे
तो लोग ये कहेंगे
यह तो भोले हैं
और हम खूब फसेंगे।
अगर हम बुरे बनेंगे
तो लोग ये कहेंगे
यह तो बुरा है
और हम से दूर रहेंगे।
आज लोग बदल गए है
वो इन्सान ही कहा रहे है?
मरते को तो क्या, ये जीवित को भी मारते है..
ये इन्सान है? जो दूसरो को खाते है??
लेकिन दुनिया में अच्छे लोग भी है..
जो दूसरो के लिए जीते ही नहीं,
दूसरो के लिए मरते भी हैं.
ऐसे लोग पूजा के लायक है,
क्यू कि ऐसे लोग नायक है।
असली इंसान को जानते हैं
इसलिए हम इन्हे मानते हैं।
आप सबसे एक विनती
छोड़िए कुछ और बनना
डॉक्टरी, वकीलगिरी बाद में करना
पहले इन्सान बनना।