सुन तेरी, तस्वीर से
अब भी मोहब्बत है मुझे।
शर्तिया तू हैरान होगी,
होगी शिकायत भी तुझे।
सुन तेरी....................
क्या करूं, मै दीवाना हूं इसका
डूबा हुआ हूं आहोश में
कैसे भुलाऊं उसके असर को
आग अब ये कैसे बुझे।
सुन तेरी...........
तेरा तसव्वुर साया है इसका
तेरी तबस्सुम की ये रात है
तुझको तो संवारा है इसने
खुद में किया है मुकम्मल तुझे
सुन तेरी...................