#तीतली
अभीभी आख मे नीन्द का नशा लीए बेठा हु।
तुम आओ या फिर अपनी कुछ यादो को भिझवा दो। तुम आओ तो बात ही क्या है,
अगर यादे पहुचवा दो तो कुछ सपने भुन लु।
लेकीन ये ना हो ध्यान रखना ।
खबर तेरे आने की हो और बात ये हो।
नीन्द को हम बाजु मे बीठाए, सपने को कहे रुक
और नतीजा ये नीकले-
तीतली के पीछे हम पडे रहे,
आखीर गुलाब की महक तक ना मीली।
-रेरा