#KAVYOTSAV -2
"दिल करता है तुझ पर कुछ लिखुँ"
तेरी ये नशीली आँखे,
या वो मुस्कराना तेरा,,
मुझसे छुप जाना लिखुँ,
या लिखुँ शरमाना तेरा।
बातें अनगिनत लिखुँ,
या वो इतराना तेरा,,
अपनी धड़कनो का शोर लिखुँ,
या लिखुँ घबराना तेरा।
तुझसे मिलने से पहले की,
वो राहतें लिखुँ,,
या लिखुँ तुझसे मिलकर,
खोना चैन और करार मेरा।
कुछ तो ज़ादू किया है तूने,
जो यूँ है बेकरार दिल मेरा,,
अन्त में बस इतना लिखुँ,
प्यार है तुझसे मैं हमसाया तेरा।
प्यार है तुझसे मैं हमसाया तेरा।।
"राजीव कुमार गुर्जर"