हम कभी कभी किसी के बारे में इतना गलत सोच लेते है , कि हमें खुद की सोच पर पछतावा होने लगता है। एक ऐसा ही वाकया हम दोंनों के साथ गाड़ी में हुआ था। मैं और मेरी सहेली पूजा सरकारी नौकरी के लिए पेपर देकर घर लौट रहे थे। ठंड के दिन थे। और शाम के छः बज रहे थे । तो ठंडक और गहराने लगी थी। हमारे डिब्बे में सब लोग एक दूसरे से बात कर रहे थे। केवल उस लड़की और लड़के को छोंड़कर जो एक दूसरे को ही देखे जा रहे थे।उन लोंगो को डिब्बे में कौन कौन है क्या बातें कर रहा है इससे कोई मतलब नहीं था। लेकिन बाकि सभी लोंगो को ये अच्छा नहीं लग रहा था।और सभी लोंगो के मन में उनकी एक गलत इमेज बन गयी थी।लड़का पुलिस की ड्रेस पहने था। लड़की टोपा जींस और शूज पहने थी। लड़के का स्टेशन शायद आने वाला था , इसीलिए वह अपने बैग उतार कर नीचे रख रहा था।तभी उस लड़की के पास फोन आया , और उसने उस लड़के को फोन देते हुए कहा , मॉ से बात कर लो और लड़की फिर अपनी जगह बैठ गयी , फोन पर बात खत्म हुई ही थी , कि उनका स्टेशन आ गया, लड़के ने लड़की की ओर एक बैग बड़ाते हुए गुस्से के से स्वर में कहा पत्नी जी आप इसे पकड़ेगी, और लड़की नहीं बोलते हुए जल्दी से नीचे उतर गयी । और लड़के को गुस्से में भी हँसी आ गयी और हम सब को अपनी सोच पे।