#kavyotsav -2
वह बहुत छोटी थी जब पहली बार माँ बनी
डोकरी बता रही थी एक दिन
जिसका होना न होने जैसा था
उसके कपड़ों का रंग बमुश्किल ही याद हो किसीको
उसकी बाते जैसे खुद ही से होती गुणमुण
वो नई दुल्हनों को देखती और देखती जाती
किसी दो की बातों में देती कान
बिन बात पर हंसती जाती
कहा था फिर..
फेंक दिया था प्रथम शिशु को उसने जनते ही घबराकर
पहली मंजिल से नीचे
'बताना नहीं', वह धीरे से बोली
'माँ उठा लाई जब मृत बच्चा
उसने भी यही कहा था!'
'गर्भवती ने फंदा लगाया'
अखबार ने कहा अभी अभी !
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यूं ही!
लता खत्री