Hindi Quote in Story by Deepa Soni

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आज सुबह से ही मेरे दिल की धड़कने तेज थी। मेरा किसी भी काम में मन नहीं लग रहा था, मैं बस बार बार घड़ी देखें जा रही थी।कि कब चार बजेगें और ३:४० पर तो मैं मोबाइल पकड़ कर छत पर बैठ गयी । क्योंकि मेरी शादी की तैयारियॉ चल रही थीं। दस दिन बाद मेरी राहुल से शादी थी।राहुल बड़े घर का लड़का था ।१८ साल की उमऱ से उसने सोने का काम सीखना था और पड़ाई केवल १२ तक ही की थी ।अब उसका काम बहुत अच्छा चलने लगा था, और उसने अपने लिए एक आलीशान घर बनवा लिया था, कार ले ली थी । और अपनी दो छोटी बहनों की शादी भी बहुत अच्छे से की थी ।मेरे घर में सभी इस शादी को लेकर बहुत खुश थे मेरी मॉ सबको बड़े शान से बताती थीं, कि राहुल अकेला लड़का है दो बहनें है जिनकी शादी हो गयी है दों ज्वेलसर् है एक राहुल की और एक उसके पिता की बड़ा घर बड़ी गाड़ी सबकुछ है और मॉ की बात सुनकर सब कहते कि कि बहुत भाग्यशाली है रिया जो उसे राहुल जैसा वर मिला, जब राहुल मुझे देखने आया था, तब मैं उसे बताना चाहती थी कि मैंने रेलवे का स्टेशन मास्टर का पेपर दिया है और मैं जॉब करना चाहती हूँ, ये मेरे बचपन का सपना है।लेकिन मेरी मॉ ने उस दिन मुझे सख्त हिदायत दी थी, कि राहुल जो पूछें मैं उसी का जबाब दूँ, और राहुल ने भी मुझे कुछ बोलने का समय नहीं दिया मुझसे एेसे सवाल जबाब करता रहा जैसे वो टीचर और मैं उसकी स्टूडेंट हूँ। उसका पड़ाई या जॉब से दूर दूर तक का नाता नहीं था तो वो इस बारे में बात क्यों करता । उस समय मैं भी कुछ नहीं बोल पाई क्योंकि वह मुझे पसंद आ गया था , और मुझे लगा कि मेरा सिलेक्शन होगा ये जरूरी नहीं है । और आज मैं इसीलिए भी खुश थी कि अगर आज मेरा सिलेक्शन हो गया तो खुशी का मजा दुगना हो जायेगा। ये सब सोचते हुए चार बज गये और मैं बेबसाइट खोलने लगी ,लेकिन बेबसाइट विजी होने के कारण ४:१५ पर खुली और मैं रिजल्ट में अपना रोल नंबर चेक करने लगी ऊपर ही नाम और नंबर होने के कारण जल्द ही मिल गया और मैं खुशी से उझल पड़ी उसी समय राहुल का फोन आया तो मैंने राहुल को ये खुशखबरी दी जिसे सुनकर वो जरा भी खुश नहीं हुआ और उसने मुझसे जो कहा वह सुनकर मेरे आसूँ निकल आये राहुल ने मुझसे कहा कि मुझे जॉब या उसमें से किसी एक को चुनना होगा क्योंकि उसके खानदान की औरतें जॉब नहीं चाहता कि मैं जॉब करूँ,उसने मुझसे कहा कि मेरे पास बहुत पैसा है, और मैं तुम्हें हर चीज देने में सझम हूँ,मैं तुम्हारी हर अभिलाषा पूरी करूगॉ, मैंने उससे कहा कि मेरी बचपन से अभिलाषा थी ,कि मैं सरकारी नौकरी करूँ इस नौकरी को पाने के लिए मैंने जो मेहनत की है उसका क्या,इस नौकरी को नहीं छोड़ सकती।

Hindi Story by Deepa Soni : 111153498
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